Fact Check: ईरानी नौसैनिकों ने समुद्र की गहराइयों में नहीं किया सजदा, एआई-निर्मित है वायरल वीडियो
समुद्र में सजदा करते हुए ईरान के नौसैनिकों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।
- By: Pragya Shukla
- Published: May 29, 2026 at 04:12 PM
- Updated: May 29, 2026 at 04:17 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दुनियाभर में बकरीद का त्योहार मनाया गया। भारत में 28 मई 2026 को बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की। इसी से जोड़ते हुए अब एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों को समुद्र की गहराइयों में सजदा करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को असली घटना का बताते हुए शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह ईरान का है, जहां नौसेना ने समुद्र की गहराइयों में सजदा किया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है, जिसे यूजर्स अब गलत दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। जांच में इस वीडियो के गूगल एआई टूल से बने होने की पुष्टि हुई है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘Navdarshanofficial’ ने 28 मई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “समंदर की गहराई में भी नहीं रुका सजदा, ईरानी नौसेना का जज़्बा देख दुनिया हैरान…!!!”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि इसमें पानी स्थिर दिख रहा है। पूरा वीडियो देखने पर भी हमें पानी में कोई हलचल नजर नहीं आई । साथ ही, जिस तरह से पानी में सैनिक बैठ रहे हैं, वह काफी अटपटा लग रहा है। ऐसे में वीडियो के एआई से बने होने का हमें संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस वीडियो के कुछ या सभी हिस्सों में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने (Very High: सिंथआईडी कॉन्फिडेंस) की पुष्टि हुई।

सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार एआई-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। यानी, जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है। तस्वीर में नजर आ रहा ब्लू एरिया यह बताता है कि इसे एआई से बनाया गया है।
हमने वीडियो को जांचने के लिए एक अन्य टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ का भी इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वीडियो के करीब 100 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

वीडियो के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए हमने इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘Prime Motion AI’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर 30 अप्रैल 2026 को पोस्ट किया हुआ मिला।

इस पेज को खंगालने पर हमने पाया कि यूजर एआई से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो बनाता है। बायो में यूजर ने खुद को डिजिटल क्रिएटर लिखा है। साथ ही लिखा है कि यूजर एआई की मदद से वीडियो और तस्वीरें बनाता है। यूजर के पेज पर हमें इसी तरह के अन्य वीडियो अपलोड किए हुए मिले।

क्या है संदर्भ?
गौरतलब है कि 28 मई 2026 को देशभर में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाया और नमाज अदा किया। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस इंस्टाग्राम यूजर को करीब पांच हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि समुद्र में सजदा करते हुए ईरान के नौसैनिकों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।
- Claim Review : बकरीद पर ईरानी नौसैनिकों ने समुद्र की गहराइयों में सजदा किया।
- Claimed By : Inst User navdarshanofficial
- Fact Check : झूठ
- Ai Detection Tool Synth ID
- Hive Moderation
- FB Post by Prime Motion AI, 30 Apr 2026
- News Report by News18, 28 May 2026
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