Fact Check: पीयूष गोयल ने ‘कॉकरोचों’ को लटकाने की बात नहीं कही, AI से निर्मित है वायरल वीडियो
- By: ankit sharma
- Published: Jul 29, 2026 at 05:39 PM
- Updated: Jul 29, 2026 at 05:52 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही थी। धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा देने के बाद यह आंदोलन खत्म हो चुका है। इसी से जोड़कर केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें युवाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए और उन्हें सरेआम लटकाने की बातें कहते हुए सुना जा सकता है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर कई यूजर्स सच समझकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वायरल दावा गलत है। जांच में पता चला कि वायरल वीडियो का ऑडियो एआई-निर्मित है। इसे बनाने में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। असली वीडियो में पीयूष गोयल नीट पेपर लीक को लेकर उठाए गए कड़े कदमों के बारे में बात करते हुए नजर आते हैं। विश्वास न्यूज ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कई सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल की है। इन्हें यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘constitution.news’ ने 24 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “आप बता सकते हैं इस वीडियो में यह बीजेपी का मंत्री है किस तरह से छात्र को बोल रहा जैसे कि गुजरात में लटकाया था वैसे ही कॉकरोच जनता पार्टी को दो या तीन को लटका दो किस तरह का यह शब्द है टिप्पणी है यह भारतीय जनता पार्टी का मंत्री है क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी कि नहीं होगी यह गलत टिप्पणी किया है यह मंत्री।”
वीडियो में उन्हें बोलते हुए सुना जा सकता है, “मेरा साफ मानना है कि हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए, ताकि इस कॉकरोच जनता पार्टी को असलियत का अंदाजा हो जाए कि हमारी ताकत क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं। जब ये लोग अपने दो-तीन कॉकरोचों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे, तो इनका सारा हुरदंग शांत हो जाएगा और ये खुद ही अपना प्रदर्शन खत्म करके दुम दबाकर भाग जाएंगे। मेरी उनको यही सीधा मशविरा है कि वो बिना किसी हिचकिचाहट के बिल्कुल वही करें जो उन्होंने गुजरात में किया था। इन उपद्रवियों से निपटने का अब यही एक रास्ता बचा है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें असली वीडियो ‘पीटीआई’ के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 23 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। वीडियो में पीयूष गोयल कह रहे हैं, “आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया है कि कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी जो दोषी हैं ऐसे कारनामों के लिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सजा दी जाएगी, कड़ी सजा दी जाएगी और कई सारे कदम आगे चलकर इस विषय में सरकार लेगी, जिससे हमारे युवा-युवतियों की आशाएं, अपेक्षाएं पूरी की जा सकें। हमारा कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से अनुरोध है कि विषय का राजनीतिकरण न करें। भागिए मत, चर्चा कीजिए। विपक्ष जो चर्चा से भाग रहा है, विपक्ष जो राजनीतिकरण कर रहा है, इसकी घोर निंदा करते हैं। सबसे अनुरोध है शांति बनाए रखें और साथ ही साथ चर्चा के माध्यम से विषय के समाधान में हम सब मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। फिर एक बार विपक्ष से विनती है, अनुरोध है: भागिए मत, चर्चा कीजिए। मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी और उनके विपक्ष के मित्र युवा-युवतियों की चिंता करेंगे, युवा-युवतियों के भविष्य के लिए मिलकर हम सब चर्चा के माध्यम से आगे का रास्ता बनाएं।”
पीयूष गोयल के आधिकारिक एक्स अकाउंट को खंगालने पर हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। इस पोस्ट को 25 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। पोस्ट में वायरल वीडियो को फर्जी और एआई की मदद से बनाया गया बताते हुए अंग्रेजी में लिखा है, “संसद के बाहर मीडिया से कही गई मेरी बातों को एआई का इस्तेमाल कर गलत तरीके से बदल दिया गया है और एक डीपफेक वीडियो बनाकर फैलाया गया है। मेरे खिलाफ गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। मैंने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। 25 जुलाई 2026 को सुबह 4:35 बजे चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में FIR (नंबर 123/26) दर्ज की गई है। इस फेक वीडियो को बनाने, फैलाने या इसे और आगे बढ़ाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गैर-जिम्मेदाराना और गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे जानकारी के लिए केवल वेरिफाइड और भरोसेमंद स्रोतों पर ही भरोसा करें। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के जागरूक और टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले नागरिक, खासकर हमारे युवा, ऐसी गलत जानकारी का शिकार नहीं बनेंगे।”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने ऑडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल करते हुए सर्च करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘Truth Scan’ टूल की मदद से वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने 89 फीसदी तक ऑडियो के एआई-निर्मित होने के संकेत दिए।

हमने दूसरे टूल ‘Humantext Pro’ की मदद से भी ऑडियो को सर्च किया। इस टूल ने 89 फीसदी तक ऑडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो का ऑडियो डीपफेक है। होंठों के हिलने और आवाज में कई जगहों पर असमानताएं देखी जा सकती हैं।
क्या है संदर्भ?
नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था और धर्मेंद्र प्रधान से केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने की मांग की थी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद यह प्रदर्शन खत्म हो गया था। साथ ही, उनकी यह भी मांग थी कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर पुलिस कार्रवाई नहीं न की जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लिए जाएं। इसी मुद्दे को लेकर सीजेपी ने चेतावनी जारी कर कहा है कि सरकार अगर यह आश्वासन लिखित में नहीं देगी और अपनी बातों से पीछे हटेगी, तो एक बार फिर प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट को यहां, यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को 25 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि छात्रों को लटकाने की बात करते हुए पीयूष गोयल का वीडियो फर्जी है। वीडियो का ऑडियो एआई-निर्मित है। ओरिजिनल वीडियो में वह नीट पेपर लीक के बाद सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में बता रहे हैं।
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